‘‘पंग्थिंग यम‘‘ (आवास) मुक्ताकाश प्रदर्शनी में शामिल

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के हिमालय ग्राम मुक्ताकाश प्रदर्शनी में उत्तर पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश के नव निर्मित प्रादर्श ‘‘शेरदुकपेन आवास‘‘ को दर्शकों के अवलोकनार्थ श्री हरी रंजन राव, आई.ए.एस. (प्रबंध निदेशक, मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम) एवं प्रो.सरित कुमार चौधुरी (निदेशक, मानव संग्रहालय) द्वारा लोकार्पित किया गया। इस पारंपरिक आवास का निर्माण डॉ रिंचिन मेगेजी के नेतृत्व में पश्चिम केमेंग जिले के ग्राम.ठोंगरे के नौ पारंपरिक कलाकारों ने संग्रहालय आकार लगभग 30 दिनों में इस आवास का पुनर्निर्माण एक मुक्ताकाश प्रदर्शनी के रूप में किया है।
मानव संग्रहालय में नवनिर्मित पन्थिंग याम आवास की सामग्री ग्राम.ठोंगरे जो की जिला पश्चिम कामेंग से लायी गयी है यह ग्राम सर्किल हेड-क्वार्टर रूपा से लगभग 9 किमी दुरी पर स्थित है। पूर्व में यह घर श्री जूनो थोंगडोक का था जो कुछ समय से खाली था जिसे बाद में मानव संग्रहालय द्वारा अधिग्रहण किया गया।

इस आवास की लंबाई 26 फुट एवं चैडाई 16 फीट है जिसमें तहखाना (लॉन्गखेंग), मुख्य कक्ष (यमडोक) और जोह (स्टोर रूम) का निर्माण किया गया है। मुख्य कमरे में ब्रोप (चूल्हा) बनाया गया है जिसके ऊपर बाखी (धुआं से सुखाने के प्रयोजन के लिए रैक) मौजूद है जो की अधिकांश आदिवासी समाज में पाया जाता है।

शेरदुकपेन 5000 की आबादी वाला प्रमुख जनजाती हैं।यह समुह अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी किमिंग जिले में निवासरत है, जो की समुद्र स्तर से 5000-6000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। उनका मुख्य आर्थिक गतिविधि कृषि है। धर्म से वे बौद्ध हैं, साथ ही उन्होंने अपनी देशज प्रथाओं को भी जीवत रखा है इसके अंतर्गत सप्ताह भर तक खिकसाबा त्यौहार को दिसंबर माह में मानाते है। शेरदुकपेन आवास (यम) गांव में अलग-अलग जगह बने होते है।  शेरदुकपेन घर में मुखतः तीन अलग-अलग प्लेटफार्मों की रचना की जाति है  जिसमे (क) लॉन्गखेंग (तहखाने /निचले हिस्से) (ख) यमडोक (मुख्य कक्ष) और राप्से (प्रार्थना कक्ष) मध्य भाग और (ग) जोह (स्टोर रूम) ऊपरी भाग में है।

शेरदुकपेन समाज में तीन अलग अलग प्रकार घर के उपलब्ध है- (क) द्चा यम (ख) पंग्थिंग यम (ग) टामला यम। द्चा यम-  इस प्रकार के घर शीर्ष मंजिल से तहखाने तक पूरी तरह से पत्थर का बना होता है। पंग्थिंग यम - इस तरह के घर के  तहखाने पत्थर का बना होता है, दूसरी परत लकड़ी से बनी होती है और तीसरी परत बांस की बनी होती है। टामला यम- इस प्रकार के घर पूरी तरह से बांस से बने होते है।

Date: April 18, 2016

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