इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा दिनांक 11 से 13 जनवरी, 2016 तक 03 दिवसीय फ्यूजन बैंड प्रस्तुति का आयोजन किया जा रहा हैं। भारत में लोक और जनजातीय संगीत की समृृद्ध परम्परा है जिसने देश की सांस्कृृतिक अस्मिता को विशिष्ट रूप प्रदान किया है। इस आयोजन में मणीपुर एवं नागालैंड के दल द्वारा फ्यूजन म्युजिक की प्रतिदिन सांय 6.30 बजे से वीथि संकुल अन्तरंग सभागार में प्रस्तुति देगें।
दिनांक 11 जनवरी को मणिपुर के ‘ईहूल बैंड’ द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। यह बैंड मुखतः महिला ड्रमर्स के लिए प्रख्यात है। इस बैंड के लीडर श्री अनिल हुईद्रोम है।
दिनांक 12 जनवरी को श्री रयूबेन माशंाग्वा व उनके पुत्र साका द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। गुरू रयूबेन के नाम से विख्यात श्री माशांग्वा हाओ संगीत के मुख्य प्रतिपादक है। आपने थांकुल की समृृद्ध लोक परम्पराओं को फिर से ढंूढ़ कर उनकी नयेसिरे से रचना बहुरंगी रूप ही नही दिया बल्कि जनजातीय वाद्ययंत्रो को पाश्चात्य धुनों के अनुसार ढाला भी रयूबेन सारंगीनुमा एक पारम्परिक तंतु वाद्ययंत्र तिग्तेलिया के विस्तार और अनुकूल बनाने के लिये भी जाने जाते है।
दिनांक 13 जनवरी को ग्रैमी अवार्ड के लिए नामित हो चुके प्रख्यात बैंड ‘एबायोजेनेसिस’ प्रस्तुति देंगे। एबायोजेनेसिस दुनिया का इकलोता बैंड है जो हाउवी (भ्वूमल) और बारनम (ठंतदनउ) दोनों शैली के संगीत की प्रस्तुति देता है। उनके ऊर्जावान और जीवंत कृत्यों के लिए जाना जाता है, वे भारत, थाईलैंड और म्यांमार के कई स्थानों पर प्रस्तुतियां किया है।
कार्यक्रम का आयोजन प्रतिदिन संग्रहालय वीथी संकुल स्थित अंतरंग सभागार में किया जायेगा। फ्यूजन-2016 के तीनों दिन प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
Date: January 11, 2016